kabhi KHaak men laash dhak jaayegi | कभी ख़ाक में लाश ढक जाएगी

  - Ghayur Jafari
कभीख़ाकमेंलाशढकजाएगी
अंधेरेमेंहड्डीचमकजाएगी
मिराहश्रयेहैकिइकछिपकली
मिरेज़ेहनसेहीचिपकजाएगी
कोईराहपाएपाएमगर
हवापानियोंकोथपकजाएगी
वोमुझसेइतनाक़रीबआएगा
मेरीसदादूरतकजाएगी
क़दमजितनाआगेहैपीछेभीहै
ख़ुदअपनेहीअंदरसड़कजाएगी
ख़ुदाबनगईहैगडरिएकीसोच
कोईभेड़कैसेभटकजाएगी
  - Ghayur Jafari
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