sharaara sifat sard aahon men tha | शरारा सिफ़त सर्द आहों में था

  - Ghayur Jafari
शरारासिफ़तसर्दआहोंमेंथा
मिरामैंमिरीअपनीबाँहोंमेंथा
हवाओंसेक्यानश्रहोताकिजो
सदाओंकीसूरतनिगाहोंमेंथा
वहाँसेउड़ाआँखमेंभरगया
जहाँ-गर्दमैंतेरीराहोंमेंथा
कभीसोचलेनाअबसतोनहीं
मज़ादर्दकाजिनकराहोंमेंथा
तिरेथरथरातेलबोंकेनिसार
अजबग़ुलसमाअ'त-पनाहोंमेंथा
मिरेजिस्मकाएकहिस्सा'ग़यूर'
सदाहीसेलिथड़ागुनाहोंमेंथा
  - Ghayur Jafari
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