andaaz-e-fikr ahl-e-jahaan ka juda raha | अंदाज़-ए-फ़िक्र अहल-ए-जहाँ का जुदा रहा

  - Ghani Ejaz
अंदाज़-ए-फ़िक्रअहल-ए-जहाँकाजुदारहा
वोमुझसेख़ुशरहेतोज़मानाख़फ़ारहा
आलमहयातकाकभीएकसारहा
दुनियामेंज़िंदगीकातमाशाबनारहा
थाहरक़दमपेअपनेअज़ाएमकाइम्तिहाँ
हरगामहादसातकामहशरबपारहा
फूलोंकीअहदगुलमेंतिजारततोख़ूबकी
पूछेकोईकिदामन-ए-गुलचींमेंक्यारहा
बार-ए-गराँथामेरेलिएअरसा-ए-हयात
जीनेकातेरेग़मसेबहुतहौसलारहा
हरफ़िक्रहरअमलकाहैनिय्यतपेइंहिसार
शैख़-ए-हरमभीबंदा-ए-हिर्स-ओ-हवारहा
दुनियाअमलकीराहमेंआगेनिकलगई
ज़ाहिदतोख़ानक़ाहमेंमहव-ए-दुआरहा
हमलाखमुस्कुराएतबस्सुमकीओटसे
सोज़-ए-ग़म-ए-हयातमगरझाँकतारहा
'एजाज़'अहल-ए-जौरसेनफ़रतरहीउन्हें
हरज़ुल्मउनकीबज़्ममेंलेकिनरवारहा
  - Ghani Ejaz
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