bijli ki zad men ek mira aashiyaan nahin | बिजली की ज़द में एक मिरा आशियाँ नहीं

  - Ghani Ejaz
बिजलीकीज़दमेंएकमिराआशियाँनहीं
वोकौनसीज़मींहैजहाँआसमाँनहीं
बुलबुलकोग़महैगुलकेनिगहबाँनहींरहे
गुलचींहैख़ुशकिअबकोईदामन-कशाँनहीं
मंज़िलकामिलनाज़ौक़-ए-तजस्सुसकीमौतहै
अच्छाहैजोहयातमिरीकामराँनहीं
चश्म-ए-करमनहींनिगह-ए-ख़शमगींतोहै
ना-मेहरबाँतोहैंवोअगरमेहरबाँनहीं
वोअपनीअपनीतर्ज़-ए-तकल्लुमकीबातहै
गुलमहव-ए-गुफ़्तुगूहैंगोमुँहमेंज़बाँनहीं
  - Ghani Ejaz
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