बे-वफ़ाकेवा'देपरए'तिबारकरतेहैं
वोनआएगाफिरभीइंतिज़ारकरतेहैं
लोगअबमोहब्बतमेंकारोबारकरतेहैं
दिलबचाकेरखतेहैंजाँशिकारकरतेहैं
इशरतेंजहाँ-भरकीबसउन्हींकाहिस्साहै
जोरविशज़मानेकीइख़्तियारकरतेहैं
शख़्सियतमेंझांकेंतोऔरहीतमाशाहै
बातेंजोनसीहतकीबे-शुमारकरतेहैं
अपनेदम-क़दमसेतोदश्तभीगुलिस्ताँहै
हमजोख़ारज़ारोंकोलाला-ज़ारकरतेहैं
जानसेगुज़रतेहैंबे-ख़ुदीमेंअहल-ए-दिल
वोजोचश्म-ए-पुर-फ़नकोजुल्फ़िक़ारकरतेहैं
होंशगूफ़ेशाख़ोंकेयालवेंचराग़ोंकी
सबहवाकेदामनपरइंहिसारकरतेहैं
हमकहाँकेदानाहैंकिसहुनरमेंयकताहैं
लोगफिरभीजानेक्यूँँहमसेप्यारकरतेहैं
जिसजगहपेख़दशाहोपैरकेफिसलनेका
हमक़दमवहीं'एजाज़'उस्तुवारकरतेहैं