parinda hadd-e-nazar tak jo aasmaan men hai | परिंदा हद्द-ए-नज़र तक जो आसमान में है

  - Ghani Ejaz
परिंदाहद्द-ए-नज़रतकजोआसमानमेंहै
परोंमेंज़ोरकहाँहौसलाउड़ानमेंहै
अभीसेभीगरहाहैहदफ़पसीनेमें
कितीरछूटानहींहैअभीकमानमेंहै
गिरेगीकौनसीछतपेयेकबकिसेमालूम
कटीपतंगहवाओंकेइम्तिहानमेंहै
सुकून-ए-क़ल्बकोमहलोंमेंढूँडनेवालो
सुकून-ए-क़ल्बफ़क़ीरोंकेख़ानदानमेंहै
ख़रीदनाहैजोतोहफ़ातुम्हेंमोहब्बतका
मिलेगादिलकेएवज़दर्दकीदुकानमेंहै
हयात-ओ-मौतफ़क़तनामघरबदलनेका
समेटरक्खाहैसामानसाएबानमेंहै
  - Ghani Ejaz
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