koi hamraah nahin raah ki mushkil ke siva | कोई हमराह नहीं राह की मुश्किल के सिवा

  - Ghani Ejaz
कोईहमराहनहींराहकीमुश्किलकेसिवा
हासिल-ए-उम्रभीक्याहैग़म-ए-हासिलकेसिवा
एकसन्नाटामुसल्लतथागुज़रगाहोंपर
ज़िंदगीथीभीकहाँकूचा-ए-क़ातिलकेसिवा
हरक़दमहादसेहरगाममराहिलथेयहाँ
अपनेक़दमोंमेंहरइकशयरहीमंज़िलकेसिवा
थामिसालीजोज़मानेमेंसमुंदरकासुकूत
कौनतूफ़ानउठातारहासाहिलकेसिवा
अपनेमरकज़सेहरइकचीज़गुरेज़ाँनिकली
लैलाहरबज़्ममेंथीख़ल्वत-ए-महमिलकेसिवा
अपनीराहोंमेंतोख़ुदबोएहैंकाँटेउसने
दुश्मन-ए-दिलकिनहींऔरकोईदिलकेसिवा
अपनीतक़दीरथाबरबाद-ए-मोहब्बतहोना
महफ़िलेंऔरभीथींआपकीमहफ़िलकेसिवा
  - Ghani Ejaz
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