dekh kar rang un ki mehfil ka | देख कर रंग उन की महफ़िल का

  - Gauhar Shaikh Purwi
देखकररंगउनकीमहफ़िलका
होगयापस्तहौसलादिलका
खोगयाजबख़याल-ए-मंज़िलमें
मिलगयाहैसुराग़मंज़िलका
जबसितमसहकेलोगहैंख़ामोश
हौसलाक्यूँबढ़ेक़ातिलका
आपदेखेंतेज़नज़रोंसे
फूटजाएगाआबलादिलका
पूछतेहैंवोहालमैंचुपहूँ
गयाहैमक़ाममुश्किलका
बैठजाएँजोदोक़दमचलकर
क्यानिशाँपासकेंगेमंज़िलका
औरइकवारकीज़रूरतहै
येतक़ाज़ाहैतेरेबिस्मिलका
ग़म-ओ-हसरतकीसख़्तियाँतोबुरा
चूरहैआइनामिरेदिलका
कोशिशेंकरकेथकगया'गौहर'
फिरभीरस्तामिलामंज़िलका
  - Gauhar Shaikh Purwi
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