duniya ki jo khushi thii vo gham se badal gaii | दुनिया की जो ख़ुशी थी वो ग़म से बदल गई

  - Gauhar Shaikh Purwi
दुनियाकीजोख़ुशीथीवोग़मसेबदलगई
शायदहयातइश्क़केसाँचेमेंढलगई
दुनियाफिरीफिरीहैतुम्हारीनज़रकेसाथ
तुमक्याबदलगएकिख़ुदाईबदलगई
रुख़बिजलियोंनेमोड़लियासू-ए-आशियाँ
आईहुईबलामिरेगुलशनसेटलगई
दीहैकिसीकीयादनेदस्तककुछइसतरह
जैसेसबाक़रीबसेकरनिकलगई
मेरीख़ुशीकीबातकाअबपूछनाहीक्या
मेरीहरइकख़ुशीतोतिरेग़ममेंढलगई
जिसशयकोतुमनेदेखलियाइल्तिफ़ातसे
वोशयतुम्हारेहुस्नकेसाँचेमेंढलगई
वोख़ैरियतकेवास्तेआएँगेघरमिरे
शायदइसीसबबसेतबीअतसँभलगई
कितनाक़वीजुनूँकाहैरिश्ताबहारसे
जबभीबहारआईतबीअतमचलगई
दुनियाकोख़ुशजोदेखातोमैंमुस्कुराउठा
दुनियानेजबख़ुशीमिरीदेखीतोजलगई
'गौहर'गिराँहैमेरीतबीअतपेकैफ़-ओ-रंग
हाँदेखकरख़िज़ाँकोतबीअ'तबहलगई
  - Gauhar Shaikh Purwi
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