badla hua duniya ka chalan dekh raha hooñ | बदला हुआ दुनिया का चलन देख रहा हूँ

  - Gauhar Shaikh Purwi
बदलाहुआदुनियाकाचलनदेखरहाहूँ
तहज़ीबकेमाथेपेशिकनदेखरहाहूँ
तूनेजोगिरालींरुख़-ए-पुर-नूरपेज़ुल्फ़ें
सूरजकेभीचेहरेपेगहनदेखरहाहूँ
वोमुझसेवफ़ाओंकीसनदमाँगरहेहैं
मैंजिनकोयहाँअहद-शिकनदेखरहाहूँ
फूलोंमेंपहलीसीवोख़ुशबूहैवोरंग
भौँरोंकोगिरफ़्तार-ए-मेहनदेखरहाहूँ
जिसअहदमेंफ़नकारकीइज़्ज़तनहींबाक़ी
मैंआजवहीदौर-ए-फ़ितनदेखरहाहूँ
सहराहोकिगुलज़ारगिरादेताहैबिजली
क्यातौरतिरेचर्ख़-ए-कुहनदेखरहाहूँ
अबरिंदभीऐसेमेंबदलजाएँतोबेहतर
बदलाहुआसाक़ीकाचलनदेखरहाहूँ
अतवारज़मानेकेअजबहोगए'गौहर'
इस्मतकीकलाईमेंरसनदेखरहाहूँ
  - Gauhar Shaikh Purwi
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