naye shehron ki jab buniyaad rakhna | नए शहरों की जब बुनियाद रखना

  - Faizan Arif
नएशहरोंकीजबबुनियादरखना
पुरानेशहरभीआबादरखना
पड़ीहोपाँवमेंज़ंजीरफिरभी
हमेशाज़ेहनकोआज़ादरखना
किसीकीयादजबशिद्दतसेआए
बहुतमुश्किलहैख़ुदकोयादरखना
दुखोंनेजड़पकड़लीमेरेअंदर
ज़रूरीथाकोईहम-ज़ादरखना
ख़ुदायाशाख़परकलियाँखिलाना
कोईपौदाबे-औलादरखना
पढ़ाओडालनेवालोहमेशा
गुज़िश्ताहिजरतोंकोयादरखना
कहींभीघरबसालेनाजहाँमें
मगरअपनेवतनकोयादरखना
  - Faizan Arif
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