mire gumaan ki had se nikalne vaala tha | मिरे गुमान की हद से निकलने वाला था

  - Faizan Arif
मिरेगुमानकीहदसेनिकलनेवालाथा
वोमुझसेपहलेहीरस्ताबदलनेवालाथा
तुझेहीजानेकीउजलतथीमुसाफ़िर-ए-मन
वगर्नामैंभीतिरेसाथचलनेवालाथा
जहाँपेक़ाफ़िला-ए-सालारथककेबैठगया
वहींसेइकनयारस्तानिकलनेवालाथा
नहींथीमुझकोज़रूरतकिसीसहारेकी
किमैंतोआपहीगिरकरसँभलनेवालाथा
मैंलौटआयासमुंदरसेडरकेजब'फैज़ान'
उसीघड़ीवोख़ज़ानाउगलनेवालाथा
  - Faizan Arif
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