neend aa jaa.e to lamhaat men mar jaate hain | नींद आ जाए तो लम्हात में मर जाते हैं

  - Faiz rahil Khan
नींदजाएतोलम्हातमेंमरजातेहैं
दिनसेबचनिकलेबदनरातमेंमरजातेहैं
करतेहैंअपनीज़बाँसेजोदिलोंकोज़ख़्मी
दबकेइकदिनवोइसीबातमेंमरजातेहैं
यादआतीहैतेरीजबभीगुलाबीबातें
डूबकरतेरेख़यालातमेंमरजाताहूँ
जबकभीजातेहैंअहबाबकीशादीमेंहम
जानेंक्यूँँजातेहीसदमातमेंमरजातेहैं
लड़नेकीताबतोमिट्टीकेमकानोंमेंहै
काँच-घरमौसम-ए-बरसातमेंमरजातेहैं
तबकोईडूबकेपानीमेंफ़नाहोताहै
ख़्वाबजबतल्ख़ी-ए-हालातमेंमरजातेहैं
जबहवाबाग़सेकहतीहैख़िज़ाँआईहै
बाग़बाँफूललिएहातमेंमरजातेहैं
  - Faiz rahil Khan
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