dil men tujh ko shumaar kar luun main | दिल में तुझ को शुमार कर लूँ मैं

  - Faiz rahil Khan
दिलमेंतुझकोशुमारकरलूँमैं
होइजाज़ततोप्यारकरलूँमैं
इसख़िज़ाँकोसमेटलोतुमतो
मौसम-ए-ख़ुश-गवारकरलूँमैं
इश्क़अगरजुर्महैतोजुर्म-ए-सनम
बे-सबबबे-शुमारकरलूँमैं
तुमनेवा'दाकियाहैआनेका
दोघड़ीइंतिज़ारकरलूँमैं
सारीदुनियाकोजीतलूँपलमें
तुझपेगरइफ़्तिख़ारकरलूँमैं
हाथहासिलसेफिरमिलाऊँगा
पहलेदरियातोपारकरलूँमैं
क्यामुलाक़ातफिरकभीहोगी
याउसेयादगारकरलूँमैं
  - Faiz rahil Khan
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