main apni wafaon ka bharam le ke chali hooñ | मैं अपनी वफ़ाओं का भरम ले के चली हूँ

  - Erum Zehra
मैंअपनीवफ़ाओंकाभरमलेकेचलीहूँ
हाथोंमेंमोहब्बतकाअलमलेकेचलीहूँ
चलनेहीनहींदेतीथीइकवा'देकीज़ंजीर
मुश्किलथामगरबार-ए-सितमलेकेचलीहूँ
क्यापूछतेहोमुझसेमिरेज़ाद-ए-सफ़रका
अस्बाबमेंबसयाद-ए-सनमलेकेचलीहूँ
जिसशहरकेहरमोड़पेकाँटेहीबिछेहैं
इसशहरमेंभीज़ख़्मीक़दमलेकेचलीहूँ
कोईभीसफ़रमैंनेअधूरानहींछोड़ा
चलनाहैतोमंज़िलकीक़समलेकेचलीहूँ
मुझकोहैयक़ींहर्फ़कीहुरमतपेहमेशा
तन्हाथीमगरअपनाक़लमलेकेचलीहूँ
ख़ुश-बख़्तहैवोजिसकेमुक़द्दरमें'इरम'है
मैंसाथमेंइकबाग़-ए-इरमलेकेचलीहूँ
  - Erum Zehra
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