tiri dagar ko main apni nazar men rakhti hooñ | तिरी डगर को मैं अपनी नज़र में रखती हूँ

  - Erum Zehra
तिरीडगरकोमैंअपनीनज़रमेंरखतीहूँ
हज़ारफूलतिरीराहगुज़रमेंरखतीहूँ
मैंतेरीयादकोआँचलमेंबाँधलाईहूँ
तिरेख़यालकोज़ाद-ए-सफ़रमेंरखतीहूँ
तूएकपलभीजुदामुझसेहोनहींसकता
मैंतेरीयादकोशाम-ओ-सहरमेंरखतीहूँ
मिरीवफ़ाओंकीगर्मीसेतूभीपिघलेगा
इकऐसाशो'लामैंअपनेजिगरमेंरखतीहूँ
मुझेडराएगाकैसेयेपानियोंकामिज़ाज
मैंअपनीकश्तीहमेशाभँवरमेंरखतीहूँ
तलाशकरतेहोतुममुझकोचाँदकेअंदर
मैंअपनेचेहरेकापरतवक़मरमेंरखतीहूँ
'इरम'नेशे'रोंसेसबकोअसीरऐसेकिया
किजैसेजादूमैंअपनेहुनरमेंरखतीहूँ
  - Erum Zehra
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy