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Fahmi Badayuni
kitna mahfooz hooñ main kone men
kitna mahfooz hooñ main kone men | कितना महफ़ूज़ हूँ मैं कोने में
- Fahmi Badayuni
कितना
महफ़ूज़
हूँ
मैं
कोने
में
कोई
अड़चन
नहीं
है
रोने
में
मैंने
उसको
बचा
लिया
वरना
डूब
जाता
मुझे
डुबोने
में
- Fahmi Badayuni
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जो
उस
तरफ़
से
इशारा
कभी
किया
उस
ने
मैं
डूब
जाऊंगा
दरिया
को
पार
करते
हुए
Ghulam Murtaza Rahi
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ये
पानी
ख़ामुशी
से
बह
रहा
है
इसे
देखें
कि
इस
में
डूब
जाएँ
Ahmad Mushtaq
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शिकस्ता
नाव
समझ
कर
डुबोने
वाले
लोग
न
पा
सके
मुझे
साहिल
पे
खोने
वाले
लोग
ज़रा
सा
वक़्त
जो
बदला
तो
हम
पे
हँसने
लगे
हमारे
काँधे
पे
सर
रख
के
रोने
वाले
लोग
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Kashif Sayyed
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किसी
ने
कहा
था
टूटी
हुई
नाव
में
चलो
दरिया
के
साथ
आप
की
रंजिश
फ़ुज़ूल
है
Shahid Zaki
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पुरानी
कश्ती
को
पार
लेकर
फ़क़त
हमारा
हुनर
गया
है
नए
खेवइये
कहीं
न
समझें
नदी
का
पानी
उतर
गया
है
Uday Pratap Singh
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आता
है
जो
तूफ़ाँ
आने
दे
कश्ती
का
ख़ुदा
ख़ुद
हाफ़िज़
है
मुमकिन
है
कि
उठती
लहरों
में
बहता
हुआ
साहिल
आ
जाए
Behzad Lakhnavi
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दूर
से
ही
बस
दरिया
दरिया
लगता
है
डूब
के
देखो
कितना
प्यासा
लगता
है
Waseem Barelvi
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मुझको
ऐसे
देख
रहा
हैरानी
में
जैसे
सूरज
देख
लिया
पेशानी
में
मैं
भी
उसको
देख
रहा
हूँ
कुछ
ऐसे
जैसे
सूरज
डूब
रहा
हो
पानी
में
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DEVANSH TIWARI
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मल्लाहों
को
इल्ज़ाम
न
दो
तुम
साहिल
वाले
क्या
जानो
ये
तूफ़ाँ
कौन
उठाता
है
ये
कश्ती
कौन
डुबोता
है
Hafeez Jalandhari
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हमने
तुझ
पे
छोड़
दिया
है
कश्ती,
दरिया,
भँवर,
किनारा
Siddharth Saaz
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सहारे
जाने-पहचाने
बना
लूँ
सुतूनों
पर
तिरे
शाने
बना
लूँ
इजाज़त
हो
तो
अपनी
शा'इरी
से
तिरे
दो
चार
दीवाने
बना
लूँ
तिरा
साया
पड़ा
था
जिस
जगह
पर
मैं
उस
के
नीचे
तह-ख़ाने
बना
लूँ
तिरे
मोज़े
यहीं
पर
रह
गए
हैं
मैं
इन
से
अपने
दस्ताने
बना
लूँ
अभी
ख़ाली
न
कर
ख़ुद
को
ठहर
जा
मैं
अपनी
रूह
में
ख़ाने
बना
लूँ
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Fahmi Badayuni
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अदाकारी
बहुत
दुख
दे
रही
है
मैं
सच-मुच
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
Fahmi Badayuni
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ख़ूँ
पिला
कर
जो
शे'र
पाला
था
उस
ने
सर्कस
में
नौकरी
कर
ली
Fahmi Badayuni
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ख़त
लिफ़ाफ़े
में
ग़ैर
का
निकला
उस
का
क़ासिद
भी
बे-वफ़ा
निकला
जान
में
जान
आ
गई
यारो
वो
किसी
और
से
ख़फ़ा
निकला
शे'र
नाज़िम
ने
जब
पढ़ा
मेरा
पहला
मिस्रा
ही
दूसरा
निकला
फिर
उसी
क़ब्र
के
बराबर
से
ज़िंदा
रहने
का
रास्ता
निकला
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Fahmi Badayuni
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तो
क्या
उसको
मैं
होंठों
से
बजाऊँ
तिरे
दर
पे
जो
घंटी
लग
गई
है
चराग़
उसने
मिरे
लौटा
दिए
हैं
अब
उसके
घर
में
बिजली
लग
गई
है
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Fahmi Badayuni
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