dil-e-barbaad ko chhota sa makaan bhi dega | दिल-ए-बर्बाद को छोटा सा मकाँ भी देगा

  - Ehtisham Akhtar
दिल-ए-बर्बादकोछोटासामकाँभीदेगा
जबनयाज़ख़्मभरेगातोनिशाँभीदेगा
पहलेगुज़रूँगामैंउम्मीदयक़ींकीरहसे
फिरतिराप्यारमुझेवहम-ओ-गुमाँभीदेगा
पैकर-ए-रंगजोपलभरमेंबिखरजाएगा
जागतीआँखोंकोख़्वाबोंकाजहाँभीदेगा
तुमजलानामुझेचाहोतोजलादोलेकिन
नख़्ल-ए-ताज़ाजोजलेगातोधुआँभीदेगा
वक़्तदेताहैजिन्हेंआजखिलौने'अख़्तर'
उन्हींअतफ़ालकोकलतीर-ओ-सिनाँभीदेगा
  - Ehtisham Akhtar
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