thehre paani men nihaan ek haseen KHvaab bhi hai | ठहरे पानी में निहाँ एक हसीं ख़्वाब भी है

  - Ehtisham Akhtar
ठहरेपानीमेंनिहाँएकहसींख़्वाबभीहै
आसकीझीलमेंअक्स-ए-रुख़-ए-महताबभीहै
दश्त-ए-तन्हाईकेतपतेहुएवीरानेमें
तेरीयादोंकाहैइकपेड़जोशादाबभीहै
पारकरनाबड़ामुश्किलहैकियेबहर-ए-हवस
कहींगहराहैबहुतऔरकहींपायाबभीहै
इसकीतस्वीरमेंआँखोंमेंबसालूँकियेशय
लाखअर्ज़ांसहीमेरेलिएनायाबभीहै
यूँँतोलगताहैसमुंदरबड़ाख़ामोशमगर
उसकेसीनेमेंनिहाँकर्बकासैलाबभीहै
येतमन्नाओंकीसूखीहुईनदी'अख़्तर'
अपनीआँखोंमेंसजाएहुएइकख़्वाबभीहै
  - Ehtisham Akhtar
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