raat se din ka vo jo rishta thii | रात से दिन का वो जो रिश्ता थी

  - Dinesh naaidu
रातसेदिनकावोजोरिश्ताथी
शामथीऔरकैसीतन्हाथी
ख़तकेपुर्ज़ेपड़ेथेकमरेमें
इकपुरानीकिताबभीवाथी
सबकेमतलबकेख़्वाबथेउसमें
शबकेहाथोंमेंएकपुड़ियाथी
रातभरआँधियोंकादौरचला
शाख़परइकउदासचिड़ियाथी
उनदिनोंजबवोमेरेसाथहीथा
मेरीदुनियाभीएकदुनियाथी
झीलजैसीथींउसकीहीआँखें
बाक़ीदुनियातोख़ैरसहराथी
आख़िरशडूबनापड़ामुझको
आरज़ूथीयाकोईदरियाथी
  - Dinesh naaidu
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