chaak par miTTi ko mar jaana hai | चाक पर मिट्टी को मर जाना है

  - Dinesh naaidu
चाकपरमिट्टीकोमरजानाहै
ख़्वाब-ए-ता'मीरबिखरजानाहै
हमकोउसदश्तमेंजानाहोगा
वहशतोंकायहीहर्जानाहै
साहिबोहमहैंउसीसफ़केलोग
जिनसेसहराकोसँवरजानाहै
सामनेहश्रकीहदहैसाहब
अबहमेंलौटकेघरजानाहै
क़ब्र-गाहहैंसदाओंकीयहाँ
बसयहींहमकोभीमरजानाहै
तुमकोखोनेकातुम्हेंपानेका
हमनेहरक़िस्मकाडरजानाहै
कोईभीराहनहींहैउसतक
हमकोमालूमहैपरजानाहै
लोनज़रआनेलगाउसकाहश्र
क़ाफ़िलेवालोठहरजानाहै
किसलिएतैरनाअश्कोंमेंसदा
अबतह-ए-दीदा-ए-तरजानाहै
वो'दिनेश'उसकीगलीहैआगे
देखलोतुमकोकिधरजानाहै
  - Dinesh naaidu
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy