chhupne ke li.e to meri aañkhen hi bahut hain | छुपने के लिए तो मेरी आँखें ही बहुत हैं

  - Dilnawaz Siddiqi
छुपनेकेलिएतोमेरीआँखेंहीबहुतहैं
मंज़ूर-ए-नज़रसबकेहोंचाहेंभीबहुतहैं
सिर्फ़अपनेलिएजीनेकोजीनानहींकहते
इसराहमेंरिश्तोंकीसराएँभीबहुतहैं
टूटेहुएवा'दोंकीसुरंगोंमेंघरोंको
जलतेहुएज़ख़्मोंकीशुआएँभीबहुतहैं
हरशयपेलगीहैयहाँनीलामकीबोली
बर्बादी-ए-अख़्लाक़कीराहेंभीबहुतहैं
हैंज़ुल्मकेपत्थरमिरेरस्तेमेंअंधेरे
टकराएँजोआपसमेंतोकिरनेंभीबहुतहैं
झूटोंकोडरातेहैंउन्हींकेदर-ओ-दीवार
हक़परहैंअगरहमतोपनाहेंभीबहुतहैं
बचपनमेंमचलपड़नाभीइकहक़थाहमारा
अबऐसेमचलनेकीसज़ाएँभीबहुतहैं
आज़ादी-ए-बाज़ारमेंरौनक़हैग़ज़बकी
लेकिनयहाँमासूमोंकीचीख़ेंभीबहुतहैं
ऐसेभीशनासाओंमेंहैंचोरकिजिनके
रोज़ेभीबहुतऔरनमाज़ेंभीबहुतहैं
  - Dilnawaz Siddiqi
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