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Waseem Barelvi
ye goongon ki mehfil hai nikalna hi padega
ye goongon ki mehfil hai nikalna hi padega | ये गूँगों की महफ़िल है निकलना ही पड़ेगा
- Waseem Barelvi
ये
गूँगों
की
महफ़िल
है
निकलना
ही
पड़ेगा
क्या
इतनी
ख़ता
कम
है
कि
हम
बोल
पड़े
हैं
- Waseem Barelvi
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ऐ
दिल
की
ख़लिश
चल
यूँँही
सही
चलता
तो
हूँ
उन
की
महफ़िल
में
उस
वक़्त
मुझे
चौंका
देना
जब
रंग
पे
महफ़िल
आ
जाए
Behzad Lakhnavi
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देखो
तो
चश्म-ए-यार
की
जादू-निगाहियाँ
बेहोश
इक
नज़र
में
हुई
अंजुमन
तमाम
Hasrat Mohani
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दर्द
की
बात
किसी
हँसती
हुई
महफ़िल
में
जैसे
कह
दे
किसी
तुर्बत
पे
लतीफ़ा
कोई
Ahmad Rahi
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चराग़
घर
का
हो
महफ़िल
का
हो
कि
मंदिर
का
हवा
के
पास
कोई
मसलहत
नहीं
होती
Waseem Barelvi
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भाँप
ही
लेंगे
इशारा
सर-ए-महफ़िल
जो
किया
ताड़ने
वाले
क़यामत
की
नज़र
रखते
हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
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शोर
की
इस
भीड़
में
ख़ामोश
तन्हाई
सी
तुम
ज़िन्दगी
है
धूप
तो
मद-मस्त
पुर्वाई
सी
तुम
चाहे
महफ़िल
में
रहूँ
चाहे
अकेले
में
रहूँ
गूँजती
रहती
हो
मुझ
में
शोख़
शहनाई
सी
तुम
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Kunwar Bechain
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तिरे
बग़ैर
अजब
बज़्म-ए-दिल
का
आलम
है
चराग़
सैंकड़ों
जलते
हैं
रौशनी
कम
है
Shakeel Badayuni
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मैं
ढूँढ़
रहा
हूँ
मिरी
वो
शम्अ
कहाँ
है
जो
बज़्म
की
हर
चीज़
को
परवाना
बना
दे
Behzad Lakhnavi
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नहीं
हर
चंद
किसी
गुम-शुदा
जन्नत
की
तलाश
इक
न
इक
ख़ुल्द-ए-तरब-नाक
का
अरमाँ
है
ज़रूर
बज़्म-ए-दोशंबा
की
हसरत
तो
नहीं
है
मुझ
को
मेरी
नज़रों
में
कोई
और
शबिस्ताँ
है
ज़रूर
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Asrar Ul Haq Majaz
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पहले
थोड़ी
मुश्किल
होगी
आगे
लेकिन
मंज़िल
होगी
सब
बाराती
शायर
होंगे
मेरी
शादी
महफ़िल
होगी
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Tanoj Dadhich
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वो
झूठ
बोल
रहा
था
बड़े
सलीक़े
से
मैं
एतिबार
न
करता
तो
और
क्या
करता
Waseem Barelvi
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अपनी
इस
आदत
पे
ही
इक
रोज़
मारे
जाएँगे
कोई
दर
खोले
न
खोले
हम
पुकारे
जाएँगे
Waseem Barelvi
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आते
आते
मिरा
नाम
सा
रह
गया
उस
के
होंटों
पे
कुछ
काँपता
रह
गया
रात
मुजरिम
थी
दामन
बचा
ले
गई
दिन
गवाहों
की
सफ़
में
खड़ा
रह
गया
वो
मेरे
सामने
ही
गया
और
मैं
रास्ते
की
तरह
देखता
रह
गया
झूट
वाले
कहीं
से
कहीं
बढ़
गए
और
मैं
था
कि
सच
बोलता
रह
गया
आँधियों
के
इरादे
तो
अच्छे
न
थे
ये
दिया
कैसे
जलता
हुआ
रह
गया
उस
को
काँधों
पे
ले
जा
रहे
हैं
'वसीम'
और
वो
जीने
का
हक़
माँगता
रह
गया
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Waseem Barelvi
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आते
आते
मिरा
नाम
सा
रह
गया
उस
के
होंटों
पे
कुछ
काँपता
रह
गया
Waseem Barelvi
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गुनाहगार
को
इतना
पता
तो
होता
है
जहाँ
कोई
नहीं
होता
ख़ुदा
तो
होता
है
Waseem Barelvi
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