jo apni palkon pe aañsu sajaaye rakhte hain | जो अपनी पलकों पे आँसू सजाए रखते हैं

  - Dilnawaz Siddiqi
जोअपनीपलकोंपेआँसूसजाएरखतेहैं
वोआस्तीनोंमेंख़ंजरछुपाएरखतेहैं
जिन्हेंसिखायाथातहज़ीबकासबक़हमने
हमारेबारेमेंसंगीनरायरखतेहैं
रिदा-ए-सब्रमेंलिपटेहुएयेसंतफ़क़ीर
समस्याओंकाउत्तमउपाएरखतेहैं
वफ़ाकेख़ूनकीसुर्ख़ीकेसाथचेहरेपर
हमउनकीयादकेज़ेवरसजाएरखतेहैं
मरीज़-रंगोंमेंअपनेयेबर्ग-हा-ए-ख़िज़ाँ
हयात-ए-नौकातबस्सुमछुपाएरखतेहैं
येहुस्न-ए-फ़िक्रहैअरबाब-ए-नज़रकाकिसदा
सुकूतमेंभीइशारेकिनाएरखतेहैं
ग़ुरूरसेतिरीगर्दनतनीहुईक्यूँहै
किसरतोकाँधोंपेहमभीउठाएरखतेहैं
  - Dilnawaz Siddiqi
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