zohr-e-aashiqi se dartaa hooñ | ज़ोहर-ए-आशिक़ी से डरता हूँ

  - Daood Mohsin
ज़ोहर-ए-आशिक़ीसेडरताहूँ
हुस्नकीबरहमीसेडरताहूँ
मैंनेडालीकमंदसूरजपर
फिरभीमैंरौशनीसेडरताहूँ
बसाहूँगलीमेंचीख़ोंकी
इसलिएख़ामुशीसेडरताहूँ
मस्ख़पहचानहोजाएकहीं
बे-अमलज़िंदगीसेडरताहूँ
कुछसफ़ाईमेंअपनीकहनाहै
परतिरीमुंसिफ़ीसेडरताहूँ
ख़ारकोख़ारगुलकोगुलकहदूँ
मैंकहाँकबकिसीसेडरताहूँ
अपनीतन्हाईख़ूबहै'मोहसिन'
बज़्मकीबे-रुख़ीसेडरताहूँ
  - Daood Mohsin
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