samajh rahe the ki apni sudhar gaii duniya | समझ रहे थे कि अपनी सुधर गई दुनिया

  - Daood Mohsin
समझरहेथेकिअपनीसुधरगईदुनिया
हमेंतोमुफ़्तमेंबदनामकरगईदुनिया
मुतालबोंसेनहींमिलसकीनजातकभी
हवसकेज़िंदातक़ाज़ोंसेभरगईदुनिया
हरएकआँखमेंचढ़ताहुआअनाकानशा
हरएकहर्फ़-ए-वफ़ासेमुकरगईदुनिया
असीरकरकेतबाहीकेमुझकोदलदलमें
बताएकौनयेमुझकोकिधरगईदुनिया
वोक्याहुएमिरेपुर-कैफ़पुर-सुकूँलम्हे
मुझेतलाशहैजिसकीकिधरगईदुनिया
कटीहुईहैहरइकशाख़पेड़से'मोहसिन'
लोबर्ग-ए-ख़ुश्कसीअबकेबिखरगईदुनिया
  - Daood Mohsin
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy