yaadon ka dard dil men hai kuchh yuñ ubhaar par | यादों का दर्द दिल में है कुछ यूँँ उभार पर

  - Chander Wahid
यादोंकादर्ददिलमेंहैकुछयूँँउभारपर
जैसेउगाहूँनन्हासापौदामज़ारपर
पलकोंपेउनकीठहरेहैंआँसूकुछइसतरह
बैठेंजैसेज़ख़्मीपरिंदेद्वारपर
दुखदर्दनईंआहमुझेफिरसेथामलो
कहतेहैंमुझसेलोगकिमैंहूँउतारपर
अबचाहेजैसेखेलेहमारेनसीबसे
हमनेतोछोड़ाफ़ैसलापरवरदिगारपर
होंगेनहींफ़ज़ाओंमें'वाहिद'केगीतअब
सररखकेसोगयाहैवोटूटेसितारपर
  - Chander Wahid
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