यादोंकादर्ददिलमेंहैकुछयूँँउभारपर
जैसेउगाहूँनन्हासापौदामज़ारपर
पलकोंपेउनकीठहरेहैंआँसूकुछइसतरह
आबैठेंजैसेज़ख़्मीपरिंदेद्वारपर
दुखदर्दनईंआहमुझेफिरसेथामलो
कहतेहैंमुझसेलोगकिमैंहूँउतारपर
अबचाहेजैसेखेलेहमारेनसीबसे
हमनेतोछोड़ाफ़ैसलापरवरदिगारपर
होंगेनहींफ़ज़ाओंमें'वाहिद'केगीतअब
सररखकेसोगयाहैवोटूटेसितारपर