din dhala badhne lagin parchaaiyaan | दिन ढला बढ़ने लगीं परछाइयाँ

  - Chander Wahid
दिनढलाबढ़नेलगींपरछाइयाँ
फिरवहीग़मफिरवहीतन्हाइयाँ
झिलमिलाएजैसेलहरोंपरकिरन
आसलेतीदिलमेंयूँँअंगड़ाइयाँ
पाँवकीपाज़ेबकेघुंघरूथेअश्क
टूटनेपरबजउठींशहनाइयाँ
जबनगरकीधूपमेंजलनापड़ा
यादआईंगाँवकीअमराइयाँ
अबभलातन्हाकहाँमैंरहगया
साथहैंमेरेमिरीरुस्वाइयाँ
  - Chander Wahid
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