husn tha ya kamaal sa kuchh tha | हुस्न था या कमाल सा कुछ था

  - Dharmesh bashar
हुस्नथायाकमालसाकुछथा
इश्क़थायाबवालसाकुछथा
ख़्वाबहमउसकोकहनहींसकते
यूँँहीबसइकख़यालसाकुछथा
मिटपायाहज़ारकोशिशसे
दिलकेशीशेमेंबालसाकुछथा
उसकोसबहादसासमझबैठे
दिलकोइसपरमलालसाकुछथा
मिलपाताजवाबजिसकाअब
कू-ब-कूवोसवालसाकुछथा
ध्यानआयापहुँचकेपिंजरेमें
साथदोनोंकेजालसाकुछथा
नाचताफिररहाबगूलेसा
बस्तियोंमेंअकालसाकुछथा
करगयावोउथल-पुथलसबको
वोमुक़द्दरकीचालसाकुछथा
एकऔघड़थाजिसकेहाथोंमें
हमनेदेखाकपालसाकुछथा
जबअँधेरोंकोचीरकरदेखा
उनकेअंदरमशालसाकुछथा
मसअलेजिनकेहोंवजूदनहीं
बसउन्हींपरबवालसाकुछथा
  - Dharmesh bashar
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