saaqi teri rahmat ke talabgaar khade hain | साक़ी तेरी रहमत के तलबगार खड़े हैं

  - Dharmesh bashar
साक़ीतेरीरहमतकेतलबगारखड़ेहैं
मयख़ानेकादरखोलकिमय-ख़्वारखड़ेहैं
इकउम्रहुईफिरभीदरीचाखुलावो
हमदिलमेंलिएख़्वाहिश-ए-दीदारखड़ेहैं
तूफ़ानहीतूफ़ानहैंकश्तीकेसफ़रमें
हमथामकेटूटीहुईपतवारखड़ेहैं
कैसाहैअदावतकायेदरियायहाँहाइल
इसपारखड़ेहमहैंवोउसपारखड़ेहैं
आतेहैंमिरेसामनेजबभीयेग़म-ओ-रंज
लगताहैमिरेदोस्तमिरेयारखड़ेहैं
मातमपेमिरीमौतकेमज्माहीजुड़ाकब
दोचारहैंबैठेहुएदोचारखड़ेहैं
बाज़ारमेंआयाहैकिलायागयाहैफ़न
शहकारलिएहाथमेंफ़नकारखड़ेहैं
ए'ज़ाज़कीचाँदीमेंचमकक्याहैबलाकी
बिकनेकेलिएकितनेक़लमकारखड़ेहैं
महफ़िलकीनिज़ामतकायेअंदाज़कहेंक्या
ना-अहलहैंमसनदपेसोहक़दारखड़ेहैं
मक़्तेकाशरफ़बख़्शेकोईऔरग़ज़लहो
इकसफ़में'बशर'कबसेयेअश'आरखड़ेहैं
  - Dharmesh bashar
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