zamaane kii nazar men ik ada hai teri khaamoshi | ज़माने की नज़र में इक अदा है तेरी ख़ामोशी

  - Dharmesh bashar
ज़मानेकीनज़रमेंइकअदाहैतेरीख़ामोशी
मगरमेरेलिएतोबसक़ज़ाहैतेरीख़ामोशी
यहीक्याकमथामेरीबज़्ममेंआमदनहींहोती
जफ़ाओंसेजुड़ाइकसिलसिलाहैतेरीख़ामोशी
कभीशादाबथाजोदिलवहीबेताबरहताहै
सबबबेताबियोंकापुर-जफ़ाहैतेरीख़ामोशी
बहुतचाहाकिमैंनज़दीकजाऊँतिरेलेकिन
दिलोंकेदरमियाँकाफ़ासलाहैतेरीख़ामोशी
मुझेडरहैकहींपैदाकरदेयहग़लत-फ़हमी
गुमाँकोसाज़िशोंमेंमुब्तलाहैतेरीख़ामोशी
तरसजाताहूँतुझसेेगुफ़्तगूकोमिरेहम-दम
सज़ा-ए-मौतसेबढ़करसज़ाहैतेरीख़ामोशी
किसीकोहोहोमुझकोख़बरहैसबतिरेदिलकी
मिराहीदिलहैजोसुनतारहाहैतेरीख़ामोशी
हयाकैसीयेपर्दा-दारीकैसीगलेलगजा
मुहब्बतकीफ़ज़ामेंबद-मज़ाहैतेरीख़ामोशी
सुकून-ए-दिलकीख़ातिरबख़्शदेइतनायक़ींमुझको
फ़क़तइकदिल-लगीकीहीअदाहैतेरीख़ामोशी
'बशर'येख़ाकसारीतोड़डालेगीइसेइकदिन
बहुतनाज़ुकसायेइकआइनाहैतेरीख़ामोशी
  - Dharmesh bashar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy