राखउड़तीरहीरातभरबज़्ममें
रफ़्तारफ़्तामिरादिलजलायागया
दिलकोरक्खागयातेज़ख़ंजरतले
औरदस्त-ए-हुनरआज़मायागया
हालत-ए-हालकीनाज़ुकीकेसबब
हाल-ए-दिलभीनहमसेेसुनायागया
चारा-गरतेरीचारागरीकेलिए
बारहाज़ख़्मदिलपेलगायागया
बातइकभीनलबपेमिरेआसकी
ऐसीहालतमेंबसमुस्कुरायागया
कोईधोकानखाजाएमेरीतरह
इस
मेंसचकुछनहींजोबतायागया
मुंतज़िरहूँमैंअबज़ख़्म-ए-उम्मीदका
जिसकेख़ातिर'बशर'दिलबनायागया