taazgi gul men na kaliyon men ada baaki hai | ताज़गी गुल में न कलियों में अदा बाक़ी है

  - Dharmesh bashar
ताज़गीगुलमेंकलियोंमेंअदाबाक़ीहै
बाग़बाँतूहीबताबाग़मेंक्याबाक़ीहै
ज़ालिमोंनेअभीदेखीहैफ़क़तमहर-ए-ख़ुदा
उनसेेकहदोकिअभीक़हर-ए-ख़ुदाबाक़ीहै
सुब्हतकदूररहेशबकेअँधेरोंसेकहो
अबभीइनबुझतेचराग़ोंमेंज़ियाबाक़ीहै
बसअभीतकतोमरोड़ीहैज़बाँमुंसिफ़ने
हक़-बयानीकीअभीऔरसज़ाबाक़ीहै
बाग़केबाग़उजाड़ेहैंख़िज़ाओंनेमगर
एकवोफूलजोआँखोंमेंखिलाबाक़ीहै
मुझकोएहसासहथेलीसानरमहैलगता
मेरीआँखोंमेंअभीरंग-ए-हिनाबाक़ीहै
उनकोपानेकीहैउम्मीदवोझूठीहीसही
कुछतोहाथोंकीलकीरोंमेंलिखाबाक़ीहै
गएदूरबहुतऐसीजगहपरकि'बशर'
हैंअज़ानेंहरमसिर्फ़ख़लाबाक़ीहै
  - Dharmesh bashar
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