ai ishq main kahaan hooñ mujhe kuchh pata nahin | ऐ इश्क़ मैं कहाँ हूँ मुझे कुछ पता नहीं

  - Dharmesh bashar
इश्क़मैंकहाँहूँमुझेकुछपतानहीं
सरपरफ़लकनहींहैज़मींज़ेर-ए-पानहीं
गरवोनहींतोफिरकोईमेराख़ुदानहीं
कैसेकहूँकिउससेेकोईवास्तानहीं
अफ़सोसयेठिकानाबहुतदेरकानहीं
दिलवगरनादेखकिदुनियामेंक्यानहीं
हक़अपनारखताहूँमैंकभीमाँगतानहीं
जुरअतमिरेमिज़ाजमेंहैइल्तिजानहीं
अबतकतोबे-नियाज़ी-ए-दुनियाकारंजथा
अबतूभीमेराहालकभीपूछतानहीं
पहलेभीदिलमेंदर्दउठाहैबहारमें
एहसासकहरहाहैकियेग़मनयानहीं
मैंनेकहाकितेरीनिगाहोंमेंक्याहूँमैं
उसनेकहाकिघरमेंतिरेआईनानहीं
कश्तीपेलाखज़ोरहोतूफ़ानपरकहाँ
हमना-ख़ुदाज़रूरहैंलेकिनख़ुदानहीं
हैचारा-गरकोवहमख़ुदाहोनेका'बशर'
औरइसजहाँमेंवहमकीकोईदवानहीं
  - Dharmesh bashar
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