kirdaar hi se zeenat-e-aflaak ho ga.e | किरदार ही से ज़ीनत-ए-अफ़्लाक हो गए

  - Bano Tahira Sayeed
किरदारहीसेज़ीनत-ए-अफ़्लाकहोगए
किरदारगिरगयाख़स-ओ-ख़ाशाकहोगए
हमजैसेसादा-लौहकोदुनियाकेहाथसे
ऐसीसज़ामिलीहैकिचालाकहोगए
शायदबहारगईमौज-ए-जुनूँलिए
दामनजोसिलगएथेवोफिरचाकहोगए
कलतकदवा-ए-दर्दथेकुछलोगशहरमें
आजइक़्तिदारक्यामिलाज़ह्हाकहोगए
क़िस्मतकाथामज़ाक़किइकहुस्न-ए-इत्तिफ़ाक़
आईहमारीयादजबहमख़ाकहोगए
उनकीनज़रने'ताहिरा'ऐसाअसरकिया
जोदरमियाँहिसाबथेसबपाकहोगए
  - Bano Tahira Sayeed
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