chhod de karb-e-ana mauja-e-pur-kham banna | छोड़ दे कर्ब-ए-अना मौजा-ए-पुर-ख़म बनना

  - Balraj Hairat
छोड़देकर्ब-ए-अनामौजा-ए-पुर-ख़मबनना
ज़िंदगीसीखगईगेसू-ए-बरहमबनना
क्याकोईऔरतसर्रुफ़थाउसकामुमकिन
कैसीमिट्टीकेमुक़द्दरमेंथाआदमबनना
हाँख़मीरएकहीदरकारहैदोनोंकेलिए
चश्म-ए-जानाँहोकिपैमाना-ए-ज़मज़मबनना
मुद्दईमरहम-ए-हर-ज़ख़्मकेहोनेवाले
गयारासतुझेक्याग़म-ए-आलमबनना
हरसँवरतीहुईतक़दीरहैमाथेपेशिकन
हरउभरतीहुईतस्वीरकोमुबहमबनना
औरभीदहकेरहोदहकेरहोदहकेरहो
हीजाएगाकभीफूलपेशबनमबनना
क्यूँमुझेयाददिलाताहैअज़लकेदिनकी
मेरीसूरतकातिरेज़ेहनमेंकम-कमबनना
हरतबस्सुमरहामरहून-ए-फ़ुग़ाँका'हैरत'
हरमसर्रतकोपड़ाबार-गह-ए-ग़मबनना
  - Balraj Hairat
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