jab kabhi dariyaa men hote saaya-afgan aap hain | जब कभी दरिया में होते साया-अफ़गन आप हैं

  - Bahadur Shah Zafar
जबकभीदरियामेंहोतेसाया-अफ़गनआपहैं
फ़िल्स-ए-माहीकोबतातेमाह-ए-रौशनआपहैं
सीतेहैंसोज़नसेचाक-ए-सीनाक्याचारासाज़
ख़ार-ए-ग़मसीनेमेंअपनेमिस्ल-ए-सोज़नआपहैं
प्यारसेकरकेहमाइलग़ैरकीगर्दनमेंहाथ
मारतेतेग़-ए-सितमसेमुझकोगर्दनआपहैं
खींचकरआँखोंमेंअपनीसुर्मा-ए-दुम्बाला-दार
करतेपैदासहरसनर्गिसमेंसोसनआपहैं
देखकरसहरामेंमुझकोपहलेघबरायाथाक़ैस
फिरजोपहचानातोबोलाहज़रत-ए-मनआपहैं
जीधड़कताहैकहींतार-ए-रग-ए-गुलचुभजाएसजपरफूलोंकीकरतेक़स्द-ए-ख़ुफ़तनआपहैं
क्यामज़ाहैतेग़-ए-क़ातिलमेंकिअक्सरसैद-ए-इश्क़
आनकरउसपररगड़तेअपनीगर्दनआपहैं
मुझसेतुमक्यापूछतेहोकैसेहैंहमक्याकहें
जीहीजानेहैकिजैसेमुश्फ़िक़-ए-मनआपहैं
पुर-ग़ुरूरपुर-तकब्बुरपुर-जफ़ापुर-सितम
पुर-फ़रेबपुर-दग़ापुर-मक्रपुर-फ़नआपहैं
ज़ुल्म-पेशाज़ु़ल्म-शेवाज़ु़ल्म-रानज़ुल्म-दोस्त
दुश्मन-ए-दिलदुश्मन-ए-जाँदुश्मन-ए-तनआपहैं
यक्का-ताज़नेज़ा-बाज़अरबदा-जूतुंद-ख़ू
तेग़-ज़नदश्ना-गुज़ारनावक-अफ़गनआपहैं
तस्मा-कशतराज़ग़ारत-गरताराज-साज़
काफ़िरयग़माईक़ज़्ज़ाक़रहज़नआपहैं
फ़ित्ना-जूबेदाद-गरसफ़्फ़ाकअज़्लमकीना-वर
गर्म-जंगगर्म-क़त्लगर्म-कुश्तनआपहैं
बद-मिज़ाजबद-दिमाग़बद-शिआ'रबद-सुलूक
बद-तरीक़बद-ज़बाँबद-अहदबद-ज़नआपहैं
बे-मुरव्वतबे-वफ़ाना-मेहरबाँना-आश्ना
मेरेक़ातिलमेरेहासिदमेरेदुश्मनआपहैं
'ज़फ़र'क्यापा-ए-क़ातिलकेहैबोसेकीहवस
यूँँजोबिस्मिलहोकेसरगर्म-ए-तपीदनआपहैं
  - Bahadur Shah Zafar
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