ye qissa vo nahin tum jis ko qissa-khwaan se suno | ये क़िस्सा वो नहीं तुम जिस को क़िस्सा-ख़्वाँ से सुनो

  - Bahadur Shah Zafar
येक़िस्सावोनहींतुमजिसकोक़िस्सा-ख़्वाँसेसुनो
मिरेफ़साना-ए-ग़मकोमिरीज़बाँसेसुनो
सुनाओदर्द-ए-दिलअपनातोदम-ब-दमफ़रियाद
मिसाल-ए-नयमिरीहरएकउस्तुख़्वाँसेसुनो
करोहज़ारसितमलेकेज़िक्रक्यायकयार
शिकायतअपनीतुमइसअपनेनीम-जाँसेसुनो
ख़ुदाकेवास्तेहमदमोबोलोतुम
पयामलायाहैक्यानामा-बरवहाँसेसुनो
तुम्हारेइश्क़नेरुस्वाकियाजहाँमेंहमें
हमाराज़िक्रतुमक्यूँँकिइकजहाँसेसुनो
सुनोतुमअपनीजोतेग़-ए-निगाहकेऔसाफ़
जोतुमकोसुननाहोउसशोख़-ए-दिल-सिताँसेसुनो
'ज़फ़र'वोबोसातोक्यादेगापरकोईदुश्नाम
जोतुमकोसुननाहोउसशोख़-ए-दिल-सिताँसेसुनो
  - Bahadur Shah Zafar
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