mohabbat chahiye baaham ha | मोहब्बत चाहिए बाहम हमें भी हो तुम्हें भी हो

  - Bahadur Shah Zafar
मोहब्बतचाहिएबाहमहमेंभीहोतुम्हेंभीहो
ख़ुशीहोइसमेंयाहोग़महमेंभीहोतुम्हेंभीहो
ग़नीमततुमइसेसमझोकिइसख़ुम-ख़ानेमेंयारो
नसीबइक-दमदिल-ए-ख़ुर्रमहमेंभीहोतुम्हेंभीहो
दिलाओहज़रत-ए-दिलतुमयाद-ए-ख़त-ए-सब्ज़उसका
कहींऐसाहोयेसमहमेंभीहोतुम्हेंभीहो
हमेशाचाहताहैदिलकिमिलकरकीजेमय-नोशी
मुयस्सरजाम-ए-मय-ए-जम-जमहमेंभीहोतुम्हेंभीहो
हमअपनाइश्क़चमकाएँतुमअपनाहुस्नचमकाओ
किहैराँदेखकरआलमहमेंभीहोतुम्हेंभीहो
रहेहिर्स-ओ-हवादाइमअज़ीज़ोसाथजबअपने
क्यूँँकरफ़िक्र-ए-बेश-ओ-कमहमेंभीहोतुम्हेंभीहो
'ज़फ़र'सेकहताहैमजनूँकहींदर्द-ए-दिलमहज़ूँ
जोग़मसेफ़ुर्सतअबइकदमहमेंभीहोतुम्हेंभीहो
  - Bahadur Shah Zafar
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