kya kuchh na kiya aur hain kya kuchh nahin karte | क्या कुछ न किया और हैं क्या कुछ नहीं करते

  - Bahadur Shah Zafar
क्याकुछकियाऔरहैंक्याकुछनहींकरते
कुछकरतेहैंऐसाब-ख़ुदाकुछनहींकरते
अपनेमरज़-ए-ग़मकाहकीमऔरकोईहै
हमऔरतबीबोंकीदवाकुछनहींकरते
मालूमनहींहमसेहिजाबउनकोहैकैसा
औरोंसेतोवोशर्महयाकुछनहींकरते
गोकरतेहैंज़ाहिरकोसफ़ाअहल-ए-कुदूरत
परदिलकोनहींकरतेसफ़ाकुछनहींकरते
वोदिलबरीअबतकमिरीकुछकरतेहैंलेकिन
तासीरतिरेनालेदिलाकुछनहींकरते
दिलहमनेदियाथातुझेउम्मीद-ए-वफ़ापर
तुमहमसेनहींकरतेवफ़ाकुछनहींकरते
करतेहैंवोइसतरह'ज़फ़र'दिलपेजफ़ाएँ
ज़ाहिरमेंयेजानोकिजफ़ाकुछनहींकरते
  - Bahadur Shah Zafar
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