itnaa na apne jaa | इतना न अपने जा

  - Bahadur Shah Zafar
इतनाअपनेजा
मेंसेबाहरनिकलकेचल
दुनियाहैचल-चलावकारस्तासंभलकेचल
औरोंकेबलपेबलकरइतनाचलनिकल
बलहैतोबलकेबलपेतूकुछअपनेबलकेचल
इंसांकोकलकापुतलाबनायाहैउसनेआप
औरआपहीवोकहताहैपुतलेकोकलकेचल
फिरआँखेंभीतोदींहैंकिरखदेखकरक़दम
कहताहैकौनतुझकोचलचलसंभलकेचल
क्याचलसकेगाहमसेकिपहचानतेहैंहम
तूलाखअपनीचालकोज़ालिमबदलकेचल
हैशमासरकेबलजोमोहब्बतमेंगर्महो
परवानाअपनेदिलसेयेकहताहैजलकेचल
बुलबुलकेहोशनिकहत-ए-गुलकीतरहउड़ा
गुलशनमेंमेरेसाथज़राइत्रमलकेचल
गरक़स्दसू-ए-दिलहैतिरानिगाह-ए-यार
दो-चारतीरपैकसेआगेअजलकेचल
जोइम्तिहान-ए-तबाहकरेअपना'ज़फ़र'
तोकहदोउसकोतौरपेतूइसग़ज़लकेचल
  - Bahadur Shah Zafar
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