dekh dil ko mire o kaafir-e-be-peer na tod | देख दिल को मिरे ओ काफ़िर-ए-बे-पीर न तोड़

  - Bahadur Shah Zafar
देखदिलकोमिरेकाफ़िर-ए-बे-पीरतोड़
घरहैअल्लाहकायेइसकीतोता'मीरतोड़
ग़ुलसदावादी-ए-वहशतमेंरखूँगाबरपा
जुनूँदेखमिरेपाँवकीज़ंजीरतोड़
देखटुकग़ौरसेआईना-ए-दिलकोमेरे
इसमेंआताहैनज़रआलम-ए-तस्वीरतोड़
ताज-ए-ज़रकेलिएक्यूँँशम्अकासरकाटेहै
रिश्ता-ए-उल्फ़त-ए-परवानाकोगुल-गीरतोड़
अपनेबिस्मिलसेयेकहताथादम-ए-नज़अवोशोख़
थाजोकुछअहदसोआशिक़-ए-दिल-गीरतोड़
रक़्स-ए-बिस्मिलकातमाशामुझेदिखलाकोईदम
दस्तपामारकेदमतूतह-ए-शमशीरतोड़
सहमकर'ज़फ़र'उसशोख़कमाँ-दारसेकह
खींचकरदेखमिरेसीनेसेतूतीरतोड़
  - Bahadur Shah Zafar
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