dil ko ab hijr ke lamhaat men dar lagta hai | दिल को अब हिज्र के लम्हात में डर लगता है

  - Ashu Mishra
दिलकोअबहिज्रकेलम्हातमेंडरलगताहै
घरअकेलाहोतोफिररातमेंडरलगताहै
एकतस्वीरसेरहताहूँमुख़ातबघंटों
जबभीतन्हाईकेहालातमेंडरलगताहै
मेरीआँखोंसेमिरेझूटअयाँहोतेहैं
इसलिएतुझसेमुलाक़ातमेंडरलगताहै
लम्हा-ए-क़ुर्बमेंलगताहैबिछड़जाएँगे
हाथजबभीहोतिरेहाथमेंडरलगताहै
आज-कलमैंउन्हेंजल्दीहीबदलदेताहूँ
आज-कलदिलकेमकानातमेंडरलगताहै
जिस्मकीआगकोबारिशसेहवामिलतीहै
साथमेंतूहोतोबरसातमेंडरलगताहै
  - Ashu Mishra
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