बे-नूर ख़यालात की बारात है मुझ में

  - Ashu Mishra
बे-नूरख़यालातकीबारातहैमुझमें
तुमदेखकेआनाकिबहुतरातहैमुझमें
समझाताहूँलेकिनयेसमझतीहीनहींहै
दिलजैसीकोईशयबड़ीबद-ज़ातहैमुझमें
दमभररहेहैंअबनएमौसममेरेअंदर
मायूसहूँयेआख़िरीबरसातहैमुझमें
कुछवक़्तनेतोड़ाहैभरमऔरकुछउसने
मैंतोयेसमझताथाकोईबातहैमुझमें
तुमकहतेहोमैंक़ैदसेबाहरहूँतुम्हारी
फिरबेड़ियोंकाशोरजोदिन-रातहैमुझमें
हरशख़्ससेमिलनेकासबबक्याकहूँ'आशु'बरसोंसेटलीएकमुलाक़ातहैमुझमें
  - Ashu Mishra
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