तुम्हारीशक्लकिसीशक्लसेमिलातेहुए
मैंखोगयाहूँनयारास्ताबनातेहुए
मिरानसीबकिपतझड़मेंखिलगएहैंफूल
वोहाथआलगाहैहाथआज़मातेहुए
मैंझूटबोलदूँलेकिनबुरातोलगताहै
तुम्हारेशे'रकिसीऔरकोसुनातेहुए
उतरकेशाख़सेऔरोंमेंहोगयाआबाद
किउम्रकाटदीजिसफूलकोखिलातेहुए
अकेलामैंनहींमुजरिमशब-ए-विसालकादोस्त
थीतेरीफूँकभीशामिलदियाबुझातेहुए
तिरेजमालकीरंगतनज़रमेंरखताहूँ
मैंकैनवासपेतस्वीर-ए-गुलबनातेहुए
इसीगुमानमेंशबभरशराबपीतेरहे
किअबवोहाथकोरोकेगाहक़जतातेहुए