tumhaari shakl kisi shakl se milaate hue | तुम्हारी शक्ल किसी शक्ल से मिलाते हुए

  - Ashu Mishra
तुम्हारीशक्लकिसीशक्लसेमिलातेहुए
मैंखोगयाहूँनयारास्ताबनातेहुए
मिरानसीबकिपतझड़मेंखिलगएहैंफूल
वोहाथलगाहैहाथआज़मातेहुए
मैंझूटबोलदूँलेकिनबुरातोलगताहै
तुम्हारेशे'रकिसीऔरकोसुनातेहुए
उतरकेशाख़सेऔरोंमेंहोगयाआबाद
किउम्रकाटदीजिसफूलकोखिलातेहुए
अकेलामैंनहींमुजरिमशब-ए-विसालकादोस्त
थीतेरीफूँकभीशामिलदियाबुझातेहुए
तिरेजमालकीरंगतनज़रमेंरखताहूँ
मैंकैनवासपेतस्वीर-ए-गुलबनातेहुए
इसीगुमानमेंशबभरशराबपीतेरहे
किअबवोहाथकोरोकेगाहक़जतातेहुए
  - Ashu Mishra
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