qadmon ka rah-e-dil pe nishaan koi nahin tha | क़दमों का रह-ए-दिल पे निशाँ कोई नहीं था

  - Ashu Mishra
क़दमोंकारह-ए-दिलपेनिशाँकोईनहींथा
मुद्दतसेयहाँगश्त-कुनाँकोईनहींथा
तुझकोतोमिरेदोस्तहैतन्हाईमुयस्सर
मैंनेवहाँकाटीहैजहाँकोईनहींथा
वैसेतोबहुतभीड़थीइसख़ाना-ए-दिलमें
लेकिनमिरेमतलबकायहाँकोईनहींथा
कोईभीनहींथाजिसेहमदिलकीसुनाते
कोईभीनहींथामिरीजाँकोईनहींथा
तूछोड़गयातबभीज़ियाँकोईनहींहै
तूसाथभीहोतातोज़ियाँकोईनहींथा
तूवहमथामेराकिकोईडूबरहाहै
तूसचमेंसर-ए-आब-ए-रवाँकोईनहींथा
  - Ashu Mishra
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