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anupam shah
bachaata kab talak main ek rishta
bachaata kab talak main ek rishta | बचाता कब तलक मैं एक रिश्ता
- anupam shah
बचाता
कब
तलक
मैं
एक
रिश्ता
तुम्हें
पाता
तो
घर
कैसे
बचाता
- anupam shah
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समझ
के
आग
लगाना
हमारे
घर
में
तुम
हमारे
घर
के
बराबर
तुम्हारा
भी
घर
है
Hafeez Banarasi
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कुछ
भी
नहीं
तो
पेड़
की
तस्वीर
ही
सही
घर
में
थोड़ी
बहुत
तो
हरियाली
चाहिये
Himanshu Kiran Sharma
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हमारे
घर
के
रिश्तों
में
अभी
बारीकियाँ
कम
हैं
भतीजा
मार
खाता
है
तो
चाचा
बोल
देते
हैं
Nirbhay Nishchhal
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ये
परिंदे
भी
खेतों
के
मज़दूर
हैं
लौट
के
अपने
घर
शाम
तक
जाएँगे
Bashir Badr
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इन
का
उठना
नहीं
है
हश्र
से
कम
घर
की
दीवार
बाप
का
साया
Unknown
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गुमान
है
या
किसी
विश्वास
में
है
सभी
अच्छे
दिनों
की
आस
में
है
ये
कैसा
जश्न
है
घर
वापसी
का
अभी
तो
राम
ही
वनवास
में
है
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Azhar Iqbal
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सफ़र
के
बाद
भी
ज़ौक़-ए-सफ़र
न
रह
जाए
ख़याल
ओ
ख़्वाब
में
अब
के
भी
घर
न
रह
जाए
Abhishek shukla
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घर
की
इस
बार
मुकम्मल
मैं
तलाशी
लूँगा
ग़म
छुपा
कर
मिरे
माँ
बाप
कहाँ
रखते
थे
Unknown
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चराग़
घर
का
हो
महफ़िल
का
हो
कि
मंदिर
का
हवा
के
पास
कोई
मसलहत
नहीं
होती
Waseem Barelvi
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हसीन
यादों
के
चाँद
को
अलविदा'अ
कह
कर
मैं
अपने
घर
के
अँधेरे
कमरों
में
लौट
आया
Hasan Abbasi
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इश्क़
का
ज़ख़्म
ताज़ा
हरा
कर
लिया
एक
इल्ज़ाम
था
हमने
जो
सर
लिया
हमने
सोचा
नहीं
इश्क़
में
फिर
नफ़ा
राह
में
जो
मिला
बाँह
में
भर
लिया
आप
पिघले
नहीं
देखकर
अश्क़
ये
एक
पत्थर
को
हमने
सनम
कर
लिया
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anupam shah
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कुछ
दीवारों
पर
दरवाज़े
होते
हैं
कुछ
दरवाज़े
दीवारों
से
होते
हैं
anupam shah
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तू
ही
हर
ज़ख़्म
देता
है
तू
ही
मरहम
लगाता
है
बड़ा
बेदिल
ख़ुदा
है
तू
ख़ुदा
होना
जताता
है
ये
वादे
प्यार
के
फूलों
से
नाज़ुक
क्यूँ
बनाता
है
वफ़ा
की
राह
में
कांटे
ही
कांटे
क्यूँ
बिछाता
है
ज़बाँ
ने
तो
तेरी
इक
उम्र
मुझ
सेे
झूठ
बोला
है
मुझे
तो
बस
गिला
तेरी
निगाहों
का
सताता
है
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anupam shah
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करे
क्या
इश्क़
मस्ताना
ये
अब्र-ए-आ
समाँ
तुम
सेे
असीरी
चश्म-ए-दीदावर
की
ये
कैसे
निभाएगा
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anupam shah
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हम
जो
हर
रोज़
ख़ुशी
को
ही
बुलाते
हैं
घर
सिर्फ़
ग़म
हैं
जो
कभी
लौट
के
आते
हैं
घर
हम
सेे
इक
उम्र
तराशी
न
गई
तन्हाई
और
वो
हैं
कि
करीने
से
सजाते
हैं
घर
ये
जो
मैं
हूँ
न
संभलकर
के
पहुँचता
हूँ
घर
लोग
धुत
हैं
जो
नशे
में
वो
दिखाते
हैं
घर
वो
कोई
है
कि
जिसे
प्यार
सिखाते
हैं
हम
बाद
में
ख़ुद
ही
कहीं
और
बसाते
हैं
घर
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anupam shah
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