hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
anupam shah
ik ik misre men karne hain
ik ik misre men karne hain | इक इक मिसरे में करनी हैं
- anupam shah
इक
इक
मिसरे
में
करनी
हैं
तुम
सेे
कुछ
बातें
करनी
हैं
शाम
ढले
तुम
आओ
मिलने
मिलकर
के
रातें
करनी
हैं
इक
अरसे
से
अश्क
सँभाले
हमको
बरसातें
करनी
हैं
- anupam shah
Download Ghazal Image
आँख
आँसू
को
ऐसे
रस्ता
देती
है
जैसे
रेत
गुज़रने
दरिया
देती
है
कोई
भी
उसको
जीत
नहीं
पाया
अब
तक
वैसे
वो
हर
एक
को
मौक़ा
देती
है
Read Full
Kafeel Rana
Send
Download Image
54 Likes
क्या
दुख
है
समुंदर
को
बता
भी
नहीं
सकता
आँसू
की
तरह
आँख
तक
आ
भी
नहीं
सकता
तू
छोड़
रहा
है
तो
ख़ता
इस
में
तेरी
क्या
हर
शख़्स
मेरा
साथ
निभा
भी
नहीं
सकता
Read Full
Waseem Barelvi
Send
Download Image
42 Likes
तेरी
यादों
में
निकले
अश्क़
भी
ज़ाया'
नहीं
जाते
मैं
आँसू
पोछ
करके
आस्तीं
को
चूम
लेता
हूँ
Shabab Shahzad Khan
Send
Download Image
7 Likes
दुख
तो
बहुत
मिले
हैं
मोहब्बत
नहीं
मिली
यानी
कि
जिस्म
मिल
गया
औरत
नहीं
मिली
मुझको
पिता
की
आँख
के
आँसू
तो
मिल
गए
मुझको
पिता
से
ज़ब्त
की
आदत
नहीं
मिली
Read Full
Abhishar Geeta Shukla
Send
Download Image
52 Likes
आँसू
हमारे
गिर
गए
उन
की
निगाह
से
इन
मोतियों
की
अब
कोई
क़ीमत
नहीं
रही
Jaleel Manikpuri
Send
Download Image
22 Likes
उन
के
रुख़्सार
पे
ढलके
हुए
आँसू
तौबा
मैंने
शबनम
को
भी
शोलों
पे
मचलते
देखा
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
35 Likes
हँसते
हँसते
निकल
पड़े
आँसू
रोते
रोते
कभी
हँसी
आई
Anwar Taban
Send
Download Image
34 Likes
मैं
न
सोया
रात
सारी
तुम
कहो
बिन
मेरे
कैसे
गुज़ारी,
तुम
कहो
हिज्र,
आँसू,
दर्द,
आहें,
शा'इरी
ये
तो
बातें
थीं
हमारी,
तुम
कहो
Read Full
Prakhar Kanha
Send
Download Image
53 Likes
जिस
तरह
हँस
रहा
हूँ
मैं
पी
पी
के
गर्म
अश्क
यूँँ
दूसरा
हँसे
तो
कलेजा
निकल
पड़े
Kaifi Azmi
Send
Download Image
36 Likes
मेरे
आँसू
नहीं
थम
रहे
कि
वो
मुझ
सेे
जुदा
हो
गया
और
तुम
कह
रहे
हो
कि
छोड़ो
अब
ऐसा
भी
क्या
हो
गया
मय-कदों
में
मेरी
लाइनें
पढ़ते
फिरते
हैं
लोग
मैंने
जो
कुछ
भी
पी
कर
कहा
फ़लसफ़ा
हो
गया
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
381 Likes
Read More
शराबों
से
ख़ुमारी
आ
रही
है
नशा
तेरा
उतरता
जा
रहा
है
anupam shah
Send
Download Image
2 Likes
दु'आ
अपनी
भी
ख़ातिर
इस
तरह
कुछ
माँग
ली
मैंने
ये
चाहा
है
कि
तेरे
चाहने
वाले
सभी
ख़ुश
हो
anupam shah
Send
Download Image
9 Likes
कुछ
तो
थी
बात
मुहब्बत
में
तेरी
शाहजहाँ
ताज
अब
कौन
बनाता
है
बिछड़ने
पे
यहॉं
anupam shah
Send
Download Image
4 Likes
बाद
तेरे
सुकूँ
तलाश
किया
हमको
हर
शय
ने
फिर
हताश
किया
कुछ
को
कांधा
दिया
लहू
कुछ
को
हमने
हर
चीड़
को
पलाश
किया
Read Full
anupam shah
Send
Download Image
5 Likes
यही
इक
काम
करके
दूरियां
भी
वो
बढ़ाती
है
है
मेरा
नाम
लेती
और
फिर
वो
'जी'
लगाती
है
anupam shah
Send
Download Image
5 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Teacher Shayari
Chai Shayari
Pandemic Shayari
Birthday Shayari
Ishaara Shayari