कहींसेलौटकेहमलड़खड़ाएहैंक्याक्या
सितारेज़ेर-ए-क़दमरातआएहैंक्याक्या
नशेब-ए-हस्तीसेअफ़्सोसहमउभरनसके
फ़राज़-ए-दारसेपैग़ामआएहैंक्याक्या
जबउसनेहारकेख़ंजरज़मींपेफेंकदिया
तमामज़ख़्म-ए-जिगरमुस्कुराएहैंक्याक्या
छटाजहाँसेउसआवाज़काघनाबादल
वहींसेधूपनेतलवेजलाएहैंक्याक्या
उठाकेसरमुझेइतनातोदेखलेनेदे
किक़त्ल-गाहमेंदीवानेआएहैंक्याक्या
कहींअँधेरेसेमानूसहोनजाएअदब
चराग़तेज़हवानेबुझाएहैंक्याक्या